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यन्त्र

यंत्र तीन प्रकार के होते है एक पूजनीय (जिनकी पूजा की जाती है) दूसरा धारणीय (जिनको धारण किया जाता है) तीसरे प्रकार का यंत्र होता है- दर्शनीय जिसका नित्य दर्शन करने से मनोकामना पूर्ण होती है।

पूज्यनीय यंत्र जैसे श्रीयंत्र, कनकधारा यंत्र आदि के संबंध में शास्त्रों में विस्तार से वर्णन प्राप्त होता है। इन सिद्ध यंत्रों का नियमित पूजन मनुष्य को सफलता, उन्नति और समृद्धि देने वाला होता है।

श्री यंत्र

श्री यंत्र यंत्रराज के नाम से प्रसिद्ध है। इस यंत्र की अधिष्ठात्री देवी स्वयं ”श्रीविद्या” है। श्रीविद्या को सुंदरी, ललिता, त्रिपुर सुन्दरी, श्रीदेवी के नाम से भी जाना जाता है।

श्री यंत्र अत्यंत शक्तिशाली यंत्रराज है इस महायंत्र में त्रेलोक्य मोहन अर्थात तीनों लोको को मोहित करने की शक्ति, सर्वरक्षाकारक शक्ति, सर्वव्याधि निवारक शक्ति, सर्वसंकट नाशक शक्ति, सर्वसिद्धि प्रदायक शक्ति, सर्वार्थ साधक शक्ति, सर्वसौभाग्य प्रदायक शक्ति, समाहित है। यह यंत्रराज अत्यंत चमत्कारी है। इसका नित्य पूजन मनुष्य को जीवन के प्रत्येक क्षेत्र में श्रेष्ठतम उन्नति प्रदान करता है। इस महायंत्र (श्रीयंत्र) की पूजा पूर्व या उत्तर की ओर मुख करके की जाती है। यह यंत्रराज व्यापारिक स्थल या निवास स्थान में स्थापित किया जाता है। श्रीविद्या के सिद्ध साधक द्वारा प्राणप्रतिष्ठित, शुभ मुहूर्त में निर्मित चमत्कारी आलौकिक दिव्य शक्तियों से परिपूर्ण श्रीयंत्र का पूजन सुख, सौभाग्य, समृद्धि, स्थिर लक्ष्मी को देने वाला है। इस प्राण प्रतिष्ठित श्रीयंत्र की नित्य पूजा से महा-षक्तिशाली, सर्ववैभव प्रदान करने वाली भगवती श्रीविद्या की कृपा प्राप्त होती है।

श्री महालक्ष्मी यंत्र

महालक्ष्मी यंत्र की अधिष्ठात्री देवी भगवती कमला है। यह यंत्र अत्यंत श्रेष्ठ शक्तियों से युक्त है। इस यंत्र का पूजन पूर्व या उत्तर में मुख करके करना चाहिये। यंत्र पूजन के समय श्वेत हाथियों के द्वारा स्वर्ण कलशों से स्नान करती हुई कमल पर विराजमान महालक्ष्मी का ध्यान करना चाहिये। स्वर्ण, रजत (चांदी) अथवा ताम्रपत्र पर शुभ मुहूर्त में निर्मित और सिद्ध मंत्रों द्वारा प्राण-प्रतिष्ठित महालक्ष्मी यंत्र का पूजन मनुष्य को शांति, कार्यक्षेत्र में उन्नति और समृद्धि देता है।

श्री कनकधारा यंत्र

यह यंत्र धन-समृद्धि प्रदान करने की अद्भुत क्षमता से युक्त है। पूर्व में आद्य शंकराचार्य ने इसी यंत्र के प्रभाव से स्वर्णवर्षा की थी। इसी कारण इसे कनकधारा यंत्र के नाम से जाना जाता है। श्रेष्ठ मुहूर्त में निमित्त और सिद्ध मंत्रों से प्राण-प्रतिष्ठित, इस यंत्र का नित्य पूजन मनुष्य को धन समृद्धि और उन्नति प्रदान करता है।


कुबेर यंत्र

कुबेर यंत्र, धनादीश अर्थात धन के स्वामी और रक्षक कुबेर की कृपा प्राप्ति का श्रेष्ठ साधन है। कुबेर यंत्र साधना-पूजन के प्रभाव से मनुष्य श्रेष्ठधनी होता है। शुभ मुहूर्त में निर्मित सिद्ध मंत्रों द्वारा प्राण-प्रतिष्ठित कुबेर यंत्र का धन प्रदायक साधनाओं में मुख्य स्थान है। इस यंत्र का नियमित पूजन मनुष्य को सदैव धनी बनाकर रखता है।


श्री बगलामुखी यंत्र

शत्रुओं को नष्ट करने वाली, मुकद्दमे कोर्ट-कचहरी के मामलों में सर्वत्र विजय प्रदान करने वाली भगवती बगलामुखी का यह यंत्र सर्वविघ्नों का नाषक और विजयप्रद है। शुभ मुहूर्त में निर्मित सिद्ध मंत्रों द्वारा प्राणप्रतिष्ठित बगलामुखी यंत्र का नित्य पूजन शत्रुओं की वाणी-मुख-बुद्धि को स्तभन करके मनुष्य को विजय और सुख समृद्धि प्रदान करता है।


श्री महाकाली यंत्र

साधना के क्षे़ में महाकाली उपासना का विषेष महत्त्व है। शत्रुनाश, शासकीय मामलों, कोर्ट केस, विरोधियों को परास्त करने में महाकाली यंत्र अनुभूत है। इस यंत्र के नियमित पूजन से मनुष्य की सर्वत्र विजय होती है। शुभ मुहूर्त में निर्मित और सिद्ध मंत्रों द्वारा प्राण प्रतिष्ठित महाकाली यंत्र पूजन करने वाले साधक की समस्त बाधाओं को नष्ट कर उसे सर्वत्र विजय और आकर्षण शक्ति प्रदान करता है। कोर्ट-कचहरी, शत्रु बाधा, ऊपरी बाधाओं से पीडि़त मनुष्य को महाकाली यंत्र का नित्य पूजन अवश्य करना चाहिए।

महामृत्युंजय यंत्र

मृत्युंजय यंत्र आकस्मिक दुर्घटनाओं से रक्षा करता है। अकाल मृत्यु का निवारण कर दीर्घायु प्रदान करता है। रोगों से रक्षा करता है। अपघात से बचाता है। विधिवत शुभ मुहूर्त में निर्मित और मृत्युंजय शिव के सिद्ध मंत्रों द्वारा प्राणप्रतिष्ठित महामृत्युंजय यंत्र का पूजन करने वाले मनुष्य की ग्रह पीड़ाओं का नाश होता है। आरोग्य की प्राप्ति होती है। परिवार को सभी प्रकार की सुरक्षा प्राप्त होती है। अपना कल्याण चाहने वाले मनुष्य इस यंत्र का नित्य पूजन अवष्य करें।

दुर्गा यंत्र

भगवती दुर्गा का यह चमत्कारी यंत्र अपने प्रभाव के कारण सर्वत्र प्रसिद्ध है। विधिवत शुभ समय में निर्मित और सिद्ध मंत्रों द्वारा प्राण प्रतिष्ठित इस यंत्र का नियमित पूजन करने से मनुष्य को धन-समृद्धि की प्राप्ति, भय और रोगो से मुक्ति प्राप्त होती है।


श्री गणेश यंत्र

श्री गणेश यंत्र सर्वसिद्धि देने वाला और जीवन में अनेक प्रकार से उन्नति प्रदान करने वाला है। शुभ समय में निर्मित और सिद्ध मंत्रों द्वारा प्राण प्रतिष्ठित श्री गणेष यंत्र का नियमित पूजन मनुष्य की सभी इच्छाओं को पूर्ण करता है। कार्यक्षेत्र में आनेवाली बाधाओं से मुक्ति पाने के लिये, अतुल धन, यश, कीर्ति और गणेश की कृपा प्राप्ति चाहने वाले मनुष्य को प्राणप्रतिष्ठित श्रीगणेश यंत्र का पूजन नियमित रूप से अवश्य करना चाहिये।


व्यापार वृद्धि यंत्र

व्यापार में यदि घाटा हो रहा है, कर्ज बढता जा रहा है, तो यह व्यापारवृद्धि यंत्र आपके लिये एक वरदान है। शुभ मुहूर्त में निर्मित और सिद्ध मंत्रों द्वारा प्राण प्रतिष्ठित पूजन व्यापार, व्यवसाय की बाधाओं को दूर करके, धन-समद्धि और व्यापार की वृद्धि करता है।


ग्रहपीडा निवारण यंत्र

नवग्रह की पीडा की शांति करने में ग्रहपीडा निवारण यंत्र अचूक है। शुभ मुहूर्त में निर्मित और सिद्ध मंत्रों द्वारा प्राण-प्रतिष्ठित इस यंत्र के नित्य पूजन से चमत्कारी लाभ प्राप्त होता है। घर में सुख-शांति तथा पारिवारिक सुख, भाग्योदय और उन्नति चाहने वाले मनुष्य इसका नित्य पूजन अवश्य करें।


दाम्पत्य सुखदायक यंत्र

यथा समय कन्या या पुत्र का विवाह न होना, गर्भपात होना इस प्रकार की दाम्पत्य जीवन से जुडी अनेक समस्याओं का समाधान शुभ मुहूर्त में निर्मित और प्राण-प्रतिष्टित सिद्ध मंत्रों द्वारा दाम्पत्य सुख दायक यंत्र के नियमित पूजन से हो जाता है।


सिद्ध बीसा यंत्र

कार्यक्षेत्र में सफलता, व्यापार में उन्नति, मनोवांछित इच्छाओं की पूर्ति, आकर्षण शक्ति प्रदान करने वाला सिद्ध बीसा यंत्र अपने अमोघ प्रभाव के लिये सर्वत्र प्रसिद्ध है। शुभ मुहूर्त में निर्मित और सिद्ध मंत्रों द्वारा प्राण प्रतिष्ठित इसी सिद्ध यंत्र का नित्य दर्शन पूजन सफलता समृद्धि प्रदान करता है।


सिद्ध हनुमान यंत्र

शत्रुओं के दमन में, जीवन में आनेवाली बाधाओं के शमन में प्राणप्रतिष्ठित सिद्ध हनुमान यंत्र का नित्य पूजन श्रेष्ठ फलदायी है। यह यंत्र मनुष्यों को साहस, विजय और सफलता प्रदान करता है।